Saturday, 15 July 2017

आस्था पर हमला

कश्मीर मे अमरनाथ यात्रियों पर घात लगाकर किए गय आतंकीे हमले मे सात तीर्थयात्रियों की मौत और कई अन्य के घायल होने पर देश भर मे रोष और आक्रोश का भाव है तो इसलिए कि इस घटना को आस्था पर भीषण हमले के तौर पर देखा जा रहा है। यह हाल के समय का सबसे घृणित आतंकी हमला है । इस हमले ने यह साबित किया कि कश्मीर मे कथित तौर पर आजादी की जंग लड़ रहे तत्व वैसी ही जैहादी कट्टरता से लैस हैं जैसे आइएएस , अलकायदा या फिर बोकोहराम सरीखे खूखांर गुटो के आतंकी है।अनंतनाग के बटेंगु मे आतंकियों के कहर से यह भी और अच्छे से साफ हो रहा है कि यह महज जुमलेबाजी के अलावा कुछ नहीं कि कश्मीरियों का संघर्ष किसी तरह की मजहबी रंगत से दूर है। तीर्थयात्रियों को निशाना बनाया जाना मजहबी कट्टरता के आतंक का रुप लेने का प्रमाण है। सभ्य समाज इस तरह की घटनाओं को सहन नहीं कर सकता और न ही उसे करना चाहिए।

कल़ंकित होती कश़्मीरियत

अमरनाथ यात्रा पर गए गुजरात के निहत्थे तीर्थयात्रियों पर हमले की निन्दा और भत्सर्ना जैसे शब्द अब अपने अर्थ खो चुके है ।इस प्रकार की हिंसा बहुत भयानक और खतरनाक है यही कारण है कि पूरे देश मे गुस्से की लहर है । निर्दोष -निहत्थे लोगों कि हत्या करना हर दृष्टि से पाप है । यदि ईंट का जवाब पत्थर से जवाब अब नहीं दिया जाएगा तो कब दिया जाएगा ?

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